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Wednesday, 28 March 2018

प्याज के छिलको के इन चमत्कारी फायदों के बारे में जान, इनका इस्तेमाल किए बिना नहीं रह पाएंगे आप

 
News Hindu

प्याज के बिना कोई भी डिश अधूरी समझी जाती है प्याज खाने के स्वाद को बेहतर बना देता है यह खाने का जाएका बढ़ा देता है बहुत कम ऐसे लोग होंगे जिन्हें प्याज पसंद नहीं होगा बहुत लोगों को तो प्याज की सलाद के बिना खाना भी हजम नहीं होता उन्हें खाने के साथ प्याज ना मिले तो वह खाना खा ही नहीं सकते लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि प्याज न खाने वालों की तुलना में प्याज खाने वालों की सेहत ज्यादा अच्छी रहती है वह प्याज ना खाने वालों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहते हैं !

आपको जानकारी के लिए बता दे की प्याज में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और प्रोटेक्टिव कंपाउंड मौजूद होते हैं  जो तरह तरह की बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं प्याज में औषधीय गुंण होने के कारण इसका इस्तेमाल कई प्रकार की बीमारियों में भी होता है आज हम आपको प्याज के छिलके से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे जो हैरान कर देने वाले है ..
  1. प्याज का छिलका  हाई ब्लड प्रेशर को नार्मल बनाएं रखने में हमारी मदद करता है यह बंद खून की धमनियों खोल देता है जिससे कि दिल की बीमारी होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं!
  2. आपको बता दे की प्याज का छिलका गले की खरास मिटाने में बहुत कारगर है ,छिलके को पानी में उबाल कर इस पानी से गरारे करे तो गला साफ हो जाता है !
  3. प्याज के छिलके में सल्फर की मात्रा अधिक होती है यह आपको कई प्रकार के कैंसर से बचाए रखने में आपकी मदद करता है प्याज खाने से पेट कोलोन ब्रेस्ट फेफड़े और प्रोस्टेट कैंसर आदि का खतरा कम रहता है यूरिन से जुड़ी बीमारियां भी प्याज खाने से ठीक हो जाती हैं !
  4. आपको जानकर हैरानी होगी की प्याज के छिलके से  चेहरे के दाग धब्बे को खत्म  किया जा सकता है !
  5. – प्याज  में अधिक मात्रा में फाइबर पाए जाते हैं जो पेट के अंदर चिपके खाने को बाहर निकालने में हमारी मदद करते हैं या पेट को साफ कर देता है इसलिए जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन लोगों को प्याज जरूर खाना चाहिए !

Monday, 26 March 2018

क्या आप जानते हैं कि ॐ की ध्वनि से सेहत पर पड़ता हैं शुभ प्रभाव - जरूर पढे पूरा लेख



ओंकार ध्वनि 'ॐ' को दुनिया के सभी मंत्रों का सार कहा गया है।
 यह उच्चारण के साथ ही शरीर पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। 
भारतीय सभ्यता के प्रारंभ से ही ओंकार ध्वनि के महत्व से सभी परिचित रहे हैं।
 शास्त्रों में ओंकार ध्वनि के 100 से भी अधिक अर्थ दिए गए हैं।
 यह अनादि और अनंत तथा निर्वाण की अवस्था का प्रतीक है।
 कई बार मंत्रों में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है जिसका कोई अर्थ नहीं होता लेकिन उससे निकली ध्वनि शरीर पर अपना प्रभाव छोड़ती है।
तंत्र योग में एकाक्षर मंत्रों का भी विशेष महत्व है।
 देवनागरी लिपि के प्रत्येक शब्द में अनुस्वार लगाकर उन्हें मंत्र का स्वरूप दिया गया है।
उदाहरण के तौर पर कं, खं, गं, घं आदि।

 इसी तरह श्रीं, क्लीं, ह्रीं, हूं, फट् आदि भी एकाक्षरी मंत्रों में गिने जाते हैं। 
सभी मंत्रों का उच्चारण जीभ,होंठ, तालू, दाँत, कंठ और फेफड़ों से निकलने वाली वायु के सम्मिलित प्रभाव से संभव होता है। 
इससे निकलने वाली ध्वनि शरीर के सभी चक्रों और हारमोन स्राव करने वाली ग्रंथियों से टकराती है।
 इन ग्रंथिंयों के स्राव को नियंत्रित करके बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है।

क्या  करें?
* ओम- प्रातः उठकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। इससे शरीर और मन को एकाग्र करने में मदद मिलेगी। दिल की धड़कन और रक्तसंचार व्यवस्थित होगा।

* ओम नमो- ओम के साथ नमो शब्द के जुड़ने से मन और मस्तिष्क में नम्रता के भाव पैदा होते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा तेजी से प्रवाहित होती है।
* ओम नमो गणेश- गणेश आदि देवता हैं जो नई शुरुआत और सफलता का प्रतीक हैं। अत: ओम गं गणपतये नम: का उच्चारण विशेष रूप से शरीर और मन पर नियंत्रण रखने में सहायक होता है।

शरीर में आवेगों का उतार-चढ़ाव

शब्दों से उत्पन्न ध्वनि से श्रोता के शरीर और मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव पड़ता है। बोलने वाले के मुँह से शब्द निकलने से पहले उसके मस्तिष्क से विद्युत तरंगें निकलती हैं। इन्हें श्रोता का मस्तिष्क ग्रहण करने की चेष्टा करता है। उच्चारित शब्द श्रोता के कर्ण-रंध्रों के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचते हैं।

प्रिय या अप्रिय शब्दों की ध्वनि से श्रोता और वक्ता दोनों हर्ष, विषाद, क्रोध, घृणा, भय तथा कामेच्छा के आवेगों को महसूस करते हैं। 

अप्रिय शब्दों से निकलने वाली ध्वनि से मस्तिष्क में उत्पन्न काम, क्रोध, मोह, भय लोभ आदि की भावना से दिल की धड़कन तेज हो जाती है जिससे रक्त में 'टॉक्सिक' पदार्थ पैदा होने लगते हैं। इसी तरह प्रिय और मंगलमय शब्दों की ध्वनि मस्तिष्क, हृदय और रक्त पर अमृत की तरह आल्हादकारी रसायन की वर्षा करती है।