Wednesday, 28 March 2018

प्याज के छिलको के इन चमत्कारी फायदों के बारे में जान, इनका इस्तेमाल किए बिना नहीं रह पाएंगे आप

 
News Hindu

प्याज के बिना कोई भी डिश अधूरी समझी जाती है प्याज खाने के स्वाद को बेहतर बना देता है यह खाने का जाएका बढ़ा देता है बहुत कम ऐसे लोग होंगे जिन्हें प्याज पसंद नहीं होगा बहुत लोगों को तो प्याज की सलाद के बिना खाना भी हजम नहीं होता उन्हें खाने के साथ प्याज ना मिले तो वह खाना खा ही नहीं सकते लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि प्याज न खाने वालों की तुलना में प्याज खाने वालों की सेहत ज्यादा अच्छी रहती है वह प्याज ना खाने वालों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहते हैं !

आपको जानकारी के लिए बता दे की प्याज में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और प्रोटेक्टिव कंपाउंड मौजूद होते हैं  जो तरह तरह की बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं प्याज में औषधीय गुंण होने के कारण इसका इस्तेमाल कई प्रकार की बीमारियों में भी होता है आज हम आपको प्याज के छिलके से होने वाले फायदे के बारे में बताएंगे जो हैरान कर देने वाले है ..
  1. प्याज का छिलका  हाई ब्लड प्रेशर को नार्मल बनाएं रखने में हमारी मदद करता है यह बंद खून की धमनियों खोल देता है जिससे कि दिल की बीमारी होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं!
  2. आपको बता दे की प्याज का छिलका गले की खरास मिटाने में बहुत कारगर है ,छिलके को पानी में उबाल कर इस पानी से गरारे करे तो गला साफ हो जाता है !
  3. प्याज के छिलके में सल्फर की मात्रा अधिक होती है यह आपको कई प्रकार के कैंसर से बचाए रखने में आपकी मदद करता है प्याज खाने से पेट कोलोन ब्रेस्ट फेफड़े और प्रोस्टेट कैंसर आदि का खतरा कम रहता है यूरिन से जुड़ी बीमारियां भी प्याज खाने से ठीक हो जाती हैं !
  4. आपको जानकर हैरानी होगी की प्याज के छिलके से  चेहरे के दाग धब्बे को खत्म  किया जा सकता है !
  5. – प्याज  में अधिक मात्रा में फाइबर पाए जाते हैं जो पेट के अंदर चिपके खाने को बाहर निकालने में हमारी मदद करते हैं या पेट को साफ कर देता है इसलिए जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन लोगों को प्याज जरूर खाना चाहिए !

घर की स्त्रियों को गलती से ना करने दें ये 4 काम, 3 नंबर वाले के बारे में जान आपके भी उड़ जायेंगे होश

आज के युग का हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा ही प्रयासरत रहता है, किन्तु कई बार वह असफल होकर निराश हो जाता है. जिससे वह अपने जीवन में भी हताश होने लगता है, आज हम आपको समाज में मौजूद कुछ ऐसे तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आपका मानसिक और आर्थिक दोनों ही प्रकार की हानि होती है वैदिक काल से ही पुरुष और महिलाओ के लिए बहुत से नियम बनाये गए है , जिनका पालन करना बहुत ही जरूरी है आज हम उन में से कुछ पर प्रकाश डालेंगे !


जैसा की हम सभी को पता है की एक महिला का जीवन बहुत ही संघर्षमय होता है उसे  जीवन में बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ताऔर महिलाओ को दैनिक जीवन में बहुत से नियमो का पालन करना पड़ता है ,आज हम उन्ही में से चार कामो के बारे में बताने वाले है ,जिन्हें भूल कर भी नहीं करना चाहिए !
शराब पीना :– महिलाओ को भूल कर भी शराब नहीं पीनी चाहिए ,क्योकि नशे में महिलाये ऐसे काम कर देती है जो समाज को स्वीकार नहीं होते !
दुष्ट पुरुषो से दोस्ती :– स्त्रियों को कभी भी बुरे पुरुषों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से स्त्रियों को बहुत सी परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है. चालाक पुरुष स्त्रियों से सिर्फ अपने फायदे के लिए दोस्ती करते हैं और फायदा पूरा हो जाने के बाद स्त्रियों को पूछते भी नहीं हैं. जिससे उनका घर बर्बाद हो जाता है !
बिना वजह घूमना :– महिलाओ को बिना किसी काम  के इघर उधर नहीं घूमना चाहिए ऐसी महिलाओ को समाज बहुत ही गिरा मानता है ,अगर ऐसी महिलाएं शादीशुदा होती है तो उन्हें गलती से भी ऐसा करने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए, क्योंकि उनकी इस हरकत की वजह से उसके मायके और ससुरालवालों दोनों को ही बदनामी का मुंह देखना पड़ सकता है!
पति से अलग रहने वाली महिला:– बहुत सी ऐसी महिलाये होती है जो अपने पति को छोड़ कर मायके में जा कर रहने लगती है ऐसी महिलाओ को पर समाज थूकता है ,महिलाओ को भूल कर भी पति से अलग नहीं रहना चाहिए !

जरूर पढ़ें - अनशन पे बैठे अन्ना हज़ारे ने बोला - अच्छा हुआ कि केजरीवाल हमारे साथ नहीं

अन्ना हज़ारे ने कहाँ - मैंने कई बार बताया हैं कि जो लोग मेरे साथ थे (केजरीवाल ) उन लोगो ने राजनीतिक पार्टी बनाली और जिस दिन उन लोगो ने राजनीतिक पार्टी बनाई उसी दिन से उनका और मेरा रास्ता अलग 

अन्ना हज़ारे


दिल्ली के रामलीला मैदान में समाजसेवी अन्ना हजारे के अनशन को 5 दिन से ज्यादा गुजर गये हैं। अपनी मांगों के समर्थन में अन्ना हजारे का अनशन जारी है। हालांकि रामलीला मैदान में अन्ना हजारे का आंदोलन तो चल रहा है लेकिन इस आंदोलन में भीड़ बहुत ज्यादा नहीं जुट रही है। इस बीच अन्ना हजारे ने कहा है कि अच्छा है कि अरविंद केजरीवाल मेरे साथ नहीं हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि ‘मैंने कई बार बताया है कि जो लोग हमारे साथ थे, उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली। जिस दिन से उन्होंने पार्टी बनाई, उस दिन से मेरा और उनका कोई संबंध नहीं है। उनका और हमारा रास्ता अलग-अलग है।
आपको याद दिला दें कि साल 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली में ही भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन हुआ था। उस आंदोलन में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास समेत कई लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। उस वक्त भी केंद्र में यूपीए की सरकार थी और सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। देश से भ्ष्टाचार खत्म करने और लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अन्ना हजारे उस वक्त भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। बाद में इसी आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल और दूसरे अन्य लोगों ने मिलकर आम आदमी पार्टी बना ली थी। राजनीतिक पार्टी बनाने के बाद से अन्ना हजारे अरविंद केजरीवाल से अलग हो गए थे।
अब एक बार फिर अन्ना हजारे दिल्ली मेंं अनिश्चितकालीन पर बैठे हैं। लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति तथा देश में किसानों की हालत को लेकर अन्ना हजारे इस बार केंद्र की मोदी सरकार से बेहद नाराज हैं। अपने करीब 11 मांगों को लेकर अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हैं। कई दिनों से अन्न नहीं ग्रहण करने की वजह से अन्ना हजारे की तबियत भी बिगड़ रही है। हालांकि डॉक्टर नियमित रुप से अन्ना की जांच कर रहे हैं। इस बीच अन्ना हजारे ने साफ कर दिया है कि जब तक उनमे सांस है तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। खबर यह भी है कि अन्ना हजारे के कुछ मांगों पर सरकार ने अपनी सहमति जता दी है हालांकि अभी भी अन्ना हजारे सरकार पर दबाव बनाने और अपनी सभी मांगों को मनवाने के लिए अनशन पर बैठे हैं।

Narendra Modi अगर पाकिस्तान मे जाके नवाज से मिल सकते हैं तो हम ममता से क्यो नहीं - शिवसेना

शिवसेना सांसद संजय राउत ने एएनआई से कहा, ''प्रधानमंत्री 


पाकिस्‍तान जाकर नवाज शरीफ को मिल सकते हैं तो ममता बनर्जी तो


 एक राज्‍य की मुख्‍यमंत्री हैं। कभी ममता जी भी नेशनल डेमोक्रेटिक 


अलायंस (एनडीए) की एक प्रमुख घटक दल रही हैं।"


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी इन दिनों दिल्‍ली में हैं। मंगलवार को वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी शिवसेना के सांसदों और साथ ही कई विपक्षी दलों के सांसदों से मुलाकात करने पहुंची थीं। बनर्जी ने मंगलवार को संसद में शिवसेना के सांसद संजय राउत व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सांसद के.कविता से भी मुलाकात की। कविता तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी हैं। बीजेपी ने सहयोगी दल से मुलाकात पर ममता की आलोचना की तो जवाब शिवसेना की तरफ से आया है।

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शिवसेना सांसद संजय राउत ने एएनआई से कहा, ”प्रधानमंत्री पाकिस्‍तान जाकर नवाज शरीफ को मिल सकते हैं तो ममता बनर्जी तो एक राज्‍य की मुख्‍यमंत्री हैं। कभी ममता जी भी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) की एक प्रमुख घटक दल रही हैं। कोई अछूत नहीं है न ममता जी। अगर ममता जी आप बीजेपी के साथ होतीं तो क्‍या होता। आज ममता जी आपको (बीजेपी) अछूत लग रही हैं। वह एक राज्‍य की मुख्‍यमंत्री हैं।”
विपक्षी दलों के साथ मिलकर ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ एक मोर्चा बनाना चाहती हैं, मगर क्षेत्रीय दल कांग्रेस का नेतृत्‍व स्‍वीकार नहीं करना चाहते। रिपोर्ट्स के अनुससार, टीआरएस, बीजेडी जैसी क्षेत्रीय पार्टियां इस मोर्चे का हिस्‍सा बनने में हिचक रही हैं। बनर्जी इस पर जोर दे रहे हैं कि कांग्रेस मोर्चे का हिस्‍सा तो बने, मगर नेतृत्‍व न करे।

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यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब विपक्षी पार्टियां और साथ ही सरकार की पूर्व सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एकजुट हुई हैं। हालांकि, इस मुलाकात का विवरण साझा नहीं किया गया। अगले लोकसभा चुनाव से पहले गैर-भाजपा राजनीतिक दलों के संभावित गठबंधन में ममता बनर्जी की भूमिका को प्रमुखता से देखा जा रहा है।

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ममता बनर्जी की कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात अभी तय नहीं है। मंगलवार को वह संसद में सोनिया गांधी से इसलिए नहीं मिल सकीं क्‍योंकि वह पहले ही चली गई थीं। बुधवार को ममता बीजेपी के नाराज चल रहे नेताओं- शत्रुघ्‍न सिन्‍हा, यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी से मुलाकात कर सकती हैं।

Tuesday, 27 March 2018

राम मंदिर को रोकने के लिए राहुल गाँधी दीपक मिश्रा को हटाने के लिए ला रहे संसद में प्रस्ताव



चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया दीपक मिश्रा को बर्खास्त करवाने के लिए राहुल गाँधी संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर चुके है, और उन्होंने कांग्रेस के सांसदों से भी इस प्रस्ताव के लिए हस्ताक्षर करवा लिए है, कांग्रेस कल या आने वाले कुछ दिनों में संसद में दीपक मिश्रा को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव ला सकती है, ये सबकुछ इसलिए किया जा रहा है क्यूंकि दीपक मिश्र ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की बात नहीं मानी थी और राम मंदिर के केस को 2019 के मध्य तक लटकाने से इंकार कर दिया था 

कांग्रेस किसी भी तरह राम मंदिर पर होने वाले फैसले को रोकना चाहती है, चूँकि कांग्रेस भी जानती है की अयोध्या में मंदिर ही था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गयी थी, इसी आधार पर इलाहबाद हाई कोर्ट ने भी फैसला दिया था, और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट भी फैसला देगा, इसी कारण कांग्रेस अधिक से अधिक समय तक राम मंदिर पर फैसले को लटकाए रखना चाहती थी, दीपक मिश्रा ने इस से इंकार कर दिया और इस मामले की सुनवाई अब हो रही है 

अब राम मंदिर के केस में एक जज दीपक मिश्रा भी है, कांग्रेस अब संसद में प्रस्ताव लाकर दीपक मिश्रा को हटाने की तैयारी कर चुकी है, हालाँकि संसद में कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है, की वो दीपक मिश्रा को हटा सके, पर कांग्रेस इसके द्वारा दीपक मिश्रा पर दबाव बनाना चाहती है की राम मंदिर और अन्य मामलों में वो कांग्रेस के मुताबिक फैसले दें 



दीपक मिश्रा के खिलाफ कांग्रेस ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है, इस प्रस्ताव को लेफ्ट, TMC और ने सभी सेक्युलर दल समर्थन कर रहे है, दीपक मिश्रा पर राम मंदिर, के अलावा मुताह हलाला और कई अन्य मामलों में दबाव बनाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी इस प्रस्ताव को ला रहे है, दीपक मिश्रा ने कांग्रेस की बात मानने से इंकार किया इसी कारण कांग्रेस अब उन्हें हटाने के लिए ड्राफ्ट ला रही है, कांग्रेस किसी भी तरह राम मंदिर पर होने वाले फैसले को रोकना चाहती है उसी कड़ी में ये प्रस्ताव लाया जा रहा है 

रात में लेडी आईएस पहुच गयी शराबियो के बीच,फिर हुआ कुछ ऐसा जो बन गया ब्रेकिंग न्यूज़


नई दिल्ली : हमारे देश में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है।  समाज को महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलने की जरूरत है क्योंकि कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिला ने अपनी काबलियत के बल पर समूह विश्व में एक मुकाम प्राप्त किया है।आज हमारे देश की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषो से कम नहीं है, फिर चाहे बिज़नेस चलाना हो या देश हर कार्य में वे सक्षम है । अब तो कानून की किताबो में भी महिलाओ ने अपना नाम दर्ज करवा दिया है वैसे हमने अभी तक सिंघम से लेकर रॉबिनहुड पांडे तक बहुत सारे दबंग और बहादुर पुरुष  पुलिस वाले देखे हैं, लेकिन आज हम आपको  असल जिंदगी की  एक ऐसे महिला पुलिस ऑफिसर से मिलवाने जा रहें है।  जो ना सिर्फ दबंग हैं बल्कि उनके कारनामे भी ऐसे हैं कि आप भी जानकर आप इस  लेडी पुलिस ऑफिसर की तारीफ़ करेंगे।
गिरिडीह शहरी क्षेत्र के झिंझरी मोहल्ला में संचालित शराब दुकानों के आस-पास के घरों व ढाबों में शनिवार रात SDO विजया जाधव ने छापेमारी की।
इस दौरान शराब दुकान के सामने और बगल के घर में शराब पी रहे तीन लोगों को गिरफ्तार लिया गया।  वे एसडीओ और पुलिस को देख भागने के फिराक में थे। इस दौरान एसडीओ हाथों में टॉर्च लिए छापेमारी में जुटी दिखीं। एसडीओ के मुताबिक गिरफ्तार इन लोगों के खिलाफ विधिसंवत कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है  कि उन्हें सूचना मिली थी कि शराब दुकानों के आस-पास शराब पिलाई भी जाती है। इस छापेमारी में कार्यपालक दंडाधिकारी सुकेशनी करकेट्‌टा और डीएसपी जीतवाहन उरांव भी शामिल थीं। गौरतलब है कि झिंझरी मोहल्ला में सरकार की दो शराब की दुकानें संचालित हैं। जहां नियमानुसार सिर्फ शराब बेचनी है।
लेकिन इन दुकानों के आस पास के घरों में और सामने ठेला लगा कर शराब भी पिलाया जाता है। इसी शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। एसडीओ विजया जाधव ने झिंझरी मुहल्ला के एक घर सह ढाबे में छापेमारी कर शराब की भारी मात्रा में बोतलें भी बरामद किया। इस महिला ऑफिसर के  कारनामे की चर्चा अब वहां के हर गली मोहल्ले में हो रही है।

Monday, 26 March 2018

मोदी सरकार के खिलाफ क्यों लाया जा रहा है अविश्वास प्रस्ताव, जानिए क्या है पूरी प्रोसेस

सरकार गिराना मुश्किल है। बीजेपी के खुद के 275 सांसद हैं ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव लाने का क्या मकसद है?








स्पेशल डेस्क. लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं हो सका। सदन में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और एआईएडीएम के सांसदों ने हंगामा किया। इस वजह से कार्यवाही को पहले 12 बजे और उसके बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। कार्यवाही स्थगित होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है। बता दें कि टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन नोटिस दिए हैं। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न मिलने से नाराज टीडीपी पहले एनडीए से अलग हुई और अब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का सपोर्ट कर रही है।

क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव
यह एक संसदीय प्रस्ताव है जिसे पारंपरिक रूप से विपक्ष संसद में सरकार को हराने या फिर कमजोर करने के लिए रखता है। अविश्वास प्रस्ताव उस वक्त भी लाया जाता है जब किसी पार्टी को लगे की सरकार के पास बहुतम नहीं है या सदन में सरकार विश्वास खो चुकी है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव साबित होने पर सरकार गिर सकती है।
कैसे लाते हैं अविश्वास प्रस्ताव
अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए सबसे पहले सभापति को लिखित में सूचना देनी होती है। इसके बाद सभापति को इन्फॉर्म करने वाली पार्टी के किसी सांसद से प्रस्ताव पेश करने के लिए कहते हैं। लेकिन प्रस्ताव एक्सेप्ट हो, इसके लिए जरूरी है कि 50 सांसदों का सपोर्ट हो। इसके बाद वोटिंग कराई जाती है या फिर सपोर्ट करने वाले सांसदों को खड़ा कर गिनती की जाती है।
क्या अभी 50 सांसदों का सपोर्ट है?
अविश्वास प्रस्ताव के सपोर्ट में टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस खुलकर सामने आ चुकी हैं। टीडीपी के पास 16 और वाईएसआर कांग्रेस के पास 9 सांसद हैं। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया है। उसके पास 34 सांसद हैं। ऐसे में तीनों पार्टियों के सांसद मिलाकर 59 हो जाते हैं जो कि प्रस्ताव पेश करने के लिए काफी हैं।
क्या मोदी सरकार गिर जाएगी?
अगर बीजेपी का ही कोई सांसद धोखा न दे तो सरकार नहीं गिरेगी। क्योंकि बीजेपी के पास स्पीकर समेत 275 सांसद हैं जो सहयोगियों के बिना अकेले ही सरकार बनाने के लिए काफी है। लोकसभा में कुल 545 निर्वाचित सांसद होते हैं। इस वक्त 5 सांसदों की सीट खाली है। इस वक्त सदन में 540 सांसद हैं। अब बहुमत साबित करने के लिए मौजूदा सांसदों के आधे से ज्यादा सांसद चाहिए। यानी 271 सांसद। जबकि बीजेपी के पास स्पीकर समेत 275 सांसद हैं जो सरकार बनाने के लिए काफी हैं। लोकसभा में दो एंग्लो इंडियन सदस्य भी होते हैं। राष्ट्रपति को लोकसभा में 2 एंग्लो इंडियन को मनोनीत करने का अधिकार हैं।
तो फिर अविश्वास प्रस्ताव लाने का क्या फायदा है?
अविश्वास प्रस्ताव लाने का सीधा मतलब सरकार को कमजोर साबित करना होता है। वर्तमान में भी यही करने की कोशिश की जा रही है। अविश्वास प्रस्ताव से विपक्षी पार्टियां बीजेपी के खिलाफ एकजुट होंगी। अविश्वास प्रस्ताव से भले ही सरकार बच जाए लेकिन उसके सामने चुनौतियां बढ़ जाएंगी।
स्पीकर की भूमिका
लोकसभा का स्पीकर तभी अपना मत देता है जब दोनों तरफ से बराबर मतदान हुआ हो। उस वक्त स्पीकर अपना वोट किसी भी एक पक्ष को देकर सरकार बना सकता है।
लोकसभा में सीटों की स्थिति
अभी लोकसभा में बीजेपी के 275 सांसद हैं। कांग्रेस के 48, AIADMK के 37, तृणमूल कांग्रेस के 34, बीजेडी के 20, शिवसेना के 18, टीडीपी के 16, टीआरएस के 11, सीपीआई (एम) के 9, वाईएसआर कांग्रेस के 9, समाजवादी पार्टी के 7, इनके अलावा 26 अन्य पार्टियों के 56 सांसद है। 5 सीटें अभी भी खाली हैं।
सहयोगियों की भूमिका
एऩडीए में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के पास स्पीकर समेत 275 सांसद हैं। उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना के पास 18, रामविलास पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी (एलजेपी) के पास 6, अकाली दल के पास 4, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के पास 3, जेडीयू के पास 2, अपना दल के पास 2 और 4 अन्य दलों के सांसद हैं। इन सबमें शिवसेना की भूमिका साफ नहीं है। हो सकता है वो वोटिंग में शामिल न हो। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को लेकर भी संशय की स्थिति बनी रहती है। अपना दल का भी एक सांसद बागी बताया जाता है। ऐसे में पासवान के 6, बादल के चार और नीतीश कुमार के 2 और महबूबा के एक सांसद का वोट पक्का माना जा रहा है।
कैसे गिर सकती है सरकार?
एनडीए की सरकार गिराना मुश्किल है लेकिन अगर बीजेपी के सांसद अंदर ही अंदर खेल कर दें तो एनडीएन के सहयोगी दलों की मदद से मोदी सरकार को अपना बहुमत साबित करना होगा। ऐसे में सवाल की आखिर बीजेपी के सांसद ऐसा क्यों करेंगे। दरअसल बीजेपी के कुछ सांसद कई बार पार्टी में रहकर ही सरकार का विरोध कर चुके हैं। पटना साहिब से सांसद शत्रुध्न सिन्हा, दरभंगा से कीर्ति आजाद, इलाहाबाद के सांसद श्याम चरण गुप्ता, बेगुसराय के सांसद भोला सिंह, ये वो लोग हैं जो बीजेपी में रहकर भी बीजेपी का विरोध कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनके अलावा आधा दर्जन सांसद हैं जो नाखुश बताए जाते हैं। यानी अगर 10 सांसद भी बागी हो गए तो बीजेपी का आकड़ा 264 पर आ जाएगा। यानी पार्टी अपने दम पर बहुमत साबित नहीं कर पाएगी।